दिनाँक 8 सितम्बर 2019 का सबक़

दिनाँक 8 सितम्बर 2019 का सबक़

सजनों अब तक हम इस सत्य से पूर्णत: परिचित हो चुके हैं कि जीवन परमात्मा की अद्‌भुत देन है। इस जीवन का आधार तत्त्व आत्मा है स्थूल शरीर नहीं….

दिनाँक 01 सितम्बर 2019 का सबक़

दिनाँक 01 सितम्बर 2019 का सबक़

जैसा कि सजनों आप सब जानते ही हैं कि इस वर्ष आपको, सतवस्तु के कुदरती ग्रन्थ के अंतर्गत भजनों में विदित, सजन श्री शहनशाह हनुमान जी की युक्ति….

दिनाँक २५ अगस्त २०१९ का सबक़

दिनाँक २५ अगस्त २०१९ का सबक़

सजनों ध्यान दो जब हम जगत में गलतान, नादान व कमजोर बुद्धिहीन भ्रमित इंसान, सच्चेपातशाह जी की विशेष कृपा प्राप्त होने पर, इस अवस्था को प्राप्त करने…

आओ चंचलता छोड़ एकाग्रचित्त होने का पुरुषार्थ दिखाएं

आओ चंचलता छोड़ एकाग्रचित्त होने का पुरुषार्थ दिखाएं

सजनों हम सब जानते हैं कि मनुष्य का जीवन आत्मसाक्षात्कार की साधना है। इस साधना की सफलता पूर्ति के लिए जो उपक्रम किए जाते हैं उनमें मन/चित्त की ….

आओ चरित्रहीनता का त्याग कर, चरित्रवान बनने का दृढ़ संकल्प लें

आओ चरित्रहीनता का त्याग कर, चरित्रवान बनने का दृढ़ संकल्प लें

सजनों हम सब जानते हैं कि जीवन - चरित्र की अभिव्यक्ति है इसलिए चरित्र किसी भी अन्य वस्तु से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है यानि चरित्र का जो मूल्य है वह किसी और….

आओ बहिर्मुखी बने रह अपना जीवन बिगाड़ने के स्थान पर अंतर्मुखी हो व सद्ज्ञान प्राप्त कर अपना जीवन संवार लें।

आओ बहिर्मुखी बने रह अपना जीवन बिगाड़ने के स्थान पर अंतर्मुखी हो व सद्ज्ञान प्राप्त कर अपना जीवन संवार लें।

सजनों हम सब भली भांति जानते हैं कि हमारी चेतना का मुख्य आधार आत्मा व उसमें स्थित परमात्मा है। चूंकि सजनों "संसार है ओ आत्मा, परमात्मा ….

आओ अधम व मंद अधम अवस्था से उबर उत्तम पुरुष बनने हेतु महाबीर जी के वचनों की पालना करने का संकल्प लें।

आओ अधम व मंद अधम अवस्था से उबर उत्तम पुरुष बनने हेतु महाबीर जी के वचनों की पालना करने का संकल्प लें।

आओ सबसे पहले सतवस्तु के कुदरती ग्रन्थ के अनुसार जानें कि "तीन प्रकार के पुत्र होते हैं उत्तम, मध्यम, मन्द अधम"। इस संदर्भ में जहाँ उत्तम पुत्र पिता का…

आओ अज्ञानता का त्याग कर ज्ञानवान बनें

आओ अज्ञानता का त्याग कर ज्ञानवान बनें

सजनों जानो कि किसी विषय या बल के तथ्य की सामान्य या विशेष जानकारी ज्ञान कहलाती है। इसीलिए तो ज्ञान को, जानने-समझने आदि की प्राकृतिक यानि….

आओ बुद्धिहीनता त्याग, बुद्धिमान बनने का संकल्प लें

आओ बुद्धिहीनता त्याग, बुद्धिमान बनने का संकल्प लें

सजनों अब तक हम जान चुके हैं सर्वोच्च व्यक्तित्व के मुख्य आधार, श्रेष्ठ, विद्वान, गुणवान, बलवान व धनवान बनने के विषय में। आओ इसी श्रृंखला में आज जानें कि वास्तविक…

आओ निर्धनता से उबर धनवान बनें

आओ निर्धनता से उबर धनवान बनें

इस तथ्य को समझना अति अनिवार्य है। जानो इस कथन द्वारा प्रणव मंत्र यानि मूलमन्त्र आद् अक्षर, गुरु रूप में आत्मा की अमरता का भान करा रहा है और साथ…

आओ निर्बलता छोड़ बलवान बनने का संकल्प लें

आओ निर्बलता छोड़ बलवान बनने का संकल्प लें

सजनों यह बात सर्वविदित है कि महाबीर जी के बल व तेज-प्रताप से मौत भी थर-थर काँपती है। इसीलिए तो वह अमर नाम कहाते हैं और कुल सृष्टि में उन प्रभु चरणों में……

आओ अवगुण त्याग गुणवान बनने का निश्चय लें

आओ अवगुण त्याग गुणवान बनने का निश्चय लें

सजनों अभी तक हमने श्रेष्ठ व विद्वान बनने के विषय में जाना। इसी श्रृंखला में आओ आज जानें कि हमारे वास्तविक गुण क्या हैं? वे कहां से आते हैं? कैसे प्राप्त होते हैं और उन्हें धारकर…

आओ मूर्खता छोड़  विद्वान बनने का संकल्प लें।

आओ मूर्खता छोड़  विद्वान बनने का संकल्प लें।

गत सप्ताह सजनों हमने जाना कि श्रेष्ठता क्या है और कौन सर्वश्रेष्ठ होता है। इसी श्रृंखला में सजनों अब जानो कि श्रेष्ठता को प्राप्त रहने के लिए विद्वान बनना क्यों आवश्यक है?…

आओ श्रेष्ठ मानव बनें

आओ श्रेष्ठ मानव बनें

सजनों हम सब जानते हैं कि सतवस्तु का कुदरती ग्रन्थ हमें सजन श्री शहनशाह हनुमान जी की चरण-शरण में आ, उन द्वारा प्रदत्त युवावस्था की भक्ति यानि समभाव-समदृष्टि….

कुसंगति छोड़ सत्संगति अपनाने का आवाहन्

कुसंगति छोड़ सत्संगति अपनाने का आवाहन्

सजनों हम सब परमपद पाने हेतु आध्यात्मिक उन्नति करना चाहते हैं पर क्या कभी विचारा है कि आध्यात्मिक उन्नति सर्वाधिक किस पर निर्भर करती है?….

आओ अविचार छोड़ विचार को अपनाएं

आओ अविचार छोड़ विचार को अपनाएं

सजनों समय रहते ही अपना जीवन प्रयोजन सिद्ध कर परमपद पाने हेतु सतवस्तु का कुदरती ग्रन्थ हमें बार बार आवाहन दे रहा है कि अविचार यानि कलुकाल के….

आओ बढ़े स्वार्थपरता छोड़ नि:स्वार्थता की ओर....

आओ बढ़े स्वार्थपरता छोड़ नि:स्वार्थता की ओर....

सजनों ध्यान कक्ष में हो रही विभिन्न कक्षाओं के माध्यम से हर संभव प्रयास द्वारा प्रत्येक सजन को अपने आप की पहचान कर, आत्मबोध करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है….

हम बढ़ रहे हैं दुर्जनता से सजनता की ओर...........

हम बढ़ रहे हैं दुर्जनता से सजनता की ओर...........

सजनों यह प्रश्न तो आदिम काल से उठता रहा है, कि मानव बनने का क्या प्रयोजन है? मनुष्य सच्चे अर्थों में मनुष्य बना रहे, यही उसकी प्रयोजनीयता और सार्थकता है….

आओ दृढ़ संकल्प होकर बढ़े अपने जीवन लक्ष्य की ओर..........

आओ दृढ़ संकल्प होकर बढ़े अपने जीवन लक्ष्य की ओर..........

सजनों जैसे कि पहले भी कहा जा चुका है कि आत्मा में परमात्मा कैसे निहित है इस सत्य को पहले जानो फिर इसे मानते हुए, "विचार ईश्वर है अपना आप" इस भाव पर सुदृढ़ता से खड़े….

आओ युक्तिसंगत बढ़ें विजय-पथ की ओर.......

आओ युक्तिसंगत बढ़ें विजय-पथ की ओर.......

सजनों आज की कक्षा आरम्भ करने से पूर्व हम आप सबको स्पष्ट करना चाहते हैं कि अब से सबको अनुशासनबद्ध होना पड़ेगा। इस अनुशासनबद्धता का सर्वप्रथम नियम है….